Showing posts with label remedies. Show all posts
Showing posts with label remedies. Show all posts

Monday, August 24, 2015

तैंतीस कोटि या तैंतीस करोड़ देवता

                                             देवताओं की संख्या के बारे में बाकी जानकारी तो आप इन्टरनेट पर से कहीं भी हासिल कर सकते हैं मुझे जो बात कुछ विशेष लगी उसका जिक्र यहाँ कर रहा हूँ  . देवी - देवताओं की संख्या को लेकर मैं भी यही सोचता रहा था , कि देवता तो तैंतीस करोड़ होते हैं . एक बार मैंने सुना कि जोधपुर में तैंतीस  करोड़ देवी - देवता का मंदिर है वहाँ गया भी पर कुछ समझ नहीं आया ..... अब फिर वही उधेड़बुन शुरू हो चुकी थी ............ पर किया जाये तो क्या ?


                                                         फिर एक दिन सिद्धार्थ भाईसाब (Astrologer Sidharth ) ने बताया की देवता तैंतीस प्रकार के होते हैं . कोटि का आशय प्रकार से है न कि करोड़ से . बात समझ तो आ चुकी थी लेकिन यह सब कहाँ वर्णित है इसकी खोज के दौरान जो पता चला वह लिखे देता हूँ -

१. ऋग्वेद १/१३९/११ के अनुसार कुल तैंतीस देवता हैं जिनमें से ११ पृथ्वी में , ११ अन्तरिक्ष में और ११ द्युलोक में है .
२. शतपथ ब्राह्मण ११/६/३/५ के अनुसार ८ वसु , ११ रूद्र ,१२ आदित्य ,१ इंद्र और एक प्रजापति कुल तैंतीस देवता हैं .
                       यहाँ "कोटि" शब्द प्रकार - वाचक है संख्या - वाचक नहीं . 

Saturday, August 22, 2015

कर्म और भाग्य - ३

         समझ और नासमझी का अंतर समझें या समझ समझ कर नासमझी की जिद -
                        एक प्रश्न जो हमेशा से ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले लोगों के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण और पेचीदा रहा है , जितना कि सामान्य जन मानस के लिए . और वह प्रश्न है कि जीवन में कर्म अधिक महत्वपूर्ण है या भाग्य ...............
   
                 
                                     एक बार इसी ब्लॉग पर यह क्रम शुरू किया था पर किन्हीं कारणों से पूरा नहीं लिख पाया था देखें -कर्म और भाग्य - १ तथा कर्म और भाग्य - २   इन लेखों में रामचरितमानस महाभारत और रामायण के उदाहरणों से इस विषय को समझना शुरू किया था पर पूर्ण नहीं कर पाए थे . अब इस विषय पर एक और प्रयास कर रहा हूँ और इसी क्रम सबसे पहले सामान्यजन और ज्योतिष ज्ञानार्जन करने वालों से आग्रह है की वे अपने विचारों से अवगत कराएं ताकि सभी को इस विषय में भागीदारी करने का मौका मिले .............