IPL - 2018 ASTROLOGY ANALYSIS
MUMBAI INDIANS VS SUNRISERS HYDERABAD
सामान्यतया ज्योतिष में जातक की कुण्डली के विश्लेषण को आधार मानते हुए तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव को जिन्हें संस्कृत में "त्रिशदायेश' कहा जाता है अच्छा नहीं माना गया है. ज्योतिष के सिद्धांतों में तीसरे से पापी छठे को और छठे से पापी एकादश को माना गया है.
बात जब हार और जीत की होती है तो जातक कुंडली विश्लेषण में पापी कहे जाने वाले ये तीनों भाव बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाते हैं . कैसे ? आइये देखते हैं -
THIRD HOUSE "तृतीय भाव"- यह भाव पराक्रम से सम्बंधित है और किसी भी मैच में जीतने के लिए जिस वस्तु की सर्वाधिक आवश्यकता होती है वह है "पराक्रम"
SIXTH HOUSE "छठा भाव"- छठा भाव विरोधी के लिए हानि का भाव है और विरोधी को हानि अर्थात स्वयं को लाभ.
ELEVENTH HOUSE "ग्यारहवां भाव"- यह भाव स्वयं की विजय से सम्बंधित है जो कि सर्वाधिक महवपूर्ण है .
यदि पराक्रम भाव का सम्बन्ध स्वयं की विजय से और शत्रु की पराजय से हो तो विजय निश्चित है.
"बाजीराव की तलवार और 3,6,11 के सम्बन्ध से होने वाली विजय पर संदेह नहीं करते"
अर्थात् तीसरे भाव का छठे व ग्यारहवें भाव से सम्बन्ध बनता हो तो उस टीम की जीत होती है और यदि तीसरे भाव का सम्बन्ध दुसरे पांचवे से बनता हो तो पराजय . यहाँ तक तो ठीक है लेकिन जब दोनों ही ओर ऐसे सम्बन्ध ना बने तो फिर गहन विश्लेषण की आवश्यकता होती है और जहां तक IPL के MATCH की बात करें तो ये मैच इतने नजदीकी होते हैं कि ज़रा सी चूक निर्णय को प्रभावित कर सकती हैआज होने वाला मैच भी बहुत ही संघर्षपूर्ण होगा ऐसा गणना से प्रतीत हो रहा है लेकिन अंत में पलड़ा कुछ मुंबई की ओर झुकेगा ऐसा अनुमान है.
अनुभव जन्य एक नियम की बात और करना चाहूँगा कि जब गणना के द्वारा कोई निर्णय निकाला जाए और वह मैच वर्षा या अन्य कारणों से बाधित होकर कुछ छोटा हो जाता है या उस मैच के OVER कम कर दिए जाते हैं, तो फिर ज्योतिषीय गणना से प्राप्त निर्णय सही नहीं ठहरता है ऐसा अनुभव है.
MUMBAI INDIANS VS SUNRISERS HYDERABAD
सामान्यतया ज्योतिष में जातक की कुण्डली के विश्लेषण को आधार मानते हुए तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव को जिन्हें संस्कृत में "त्रिशदायेश' कहा जाता है अच्छा नहीं माना गया है. ज्योतिष के सिद्धांतों में तीसरे से पापी छठे को और छठे से पापी एकादश को माना गया है.
बात जब हार और जीत की होती है तो जातक कुंडली विश्लेषण में पापी कहे जाने वाले ये तीनों भाव बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाते हैं . कैसे ? आइये देखते हैं -
THIRD HOUSE "तृतीय भाव"- यह भाव पराक्रम से सम्बंधित है और किसी भी मैच में जीतने के लिए जिस वस्तु की सर्वाधिक आवश्यकता होती है वह है "पराक्रम"
SIXTH HOUSE "छठा भाव"- छठा भाव विरोधी के लिए हानि का भाव है और विरोधी को हानि अर्थात स्वयं को लाभ.
ELEVENTH HOUSE "ग्यारहवां भाव"- यह भाव स्वयं की विजय से सम्बंधित है जो कि सर्वाधिक महवपूर्ण है .
यदि पराक्रम भाव का सम्बन्ध स्वयं की विजय से और शत्रु की पराजय से हो तो विजय निश्चित है.
"बाजीराव की तलवार और 3,6,11 के सम्बन्ध से होने वाली विजय पर संदेह नहीं करते"
अर्थात् तीसरे भाव का छठे व ग्यारहवें भाव से सम्बन्ध बनता हो तो उस टीम की जीत होती है और यदि तीसरे भाव का सम्बन्ध दुसरे पांचवे से बनता हो तो पराजय . यहाँ तक तो ठीक है लेकिन जब दोनों ही ओर ऐसे सम्बन्ध ना बने तो फिर गहन विश्लेषण की आवश्यकता होती है और जहां तक IPL के MATCH की बात करें तो ये मैच इतने नजदीकी होते हैं कि ज़रा सी चूक निर्णय को प्रभावित कर सकती हैआज होने वाला मैच भी बहुत ही संघर्षपूर्ण होगा ऐसा गणना से प्रतीत हो रहा है लेकिन अंत में पलड़ा कुछ मुंबई की ओर झुकेगा ऐसा अनुमान है.
अनुभव जन्य एक नियम की बात और करना चाहूँगा कि जब गणना के द्वारा कोई निर्णय निकाला जाए और वह मैच वर्षा या अन्य कारणों से बाधित होकर कुछ छोटा हो जाता है या उस मैच के OVER कम कर दिए जाते हैं, तो फिर ज्योतिषीय गणना से प्राप्त निर्णय सही नहीं ठहरता है ऐसा अनुभव है.
