पिछले 6 वर्षों में ज्योतिष के अध्ययन के दौरान कई समस्याएं का सामना करना पड़ा जिसमें सबसे प्रमुख लोगों को अपने जन्म के सम्बन्ध में पूर्ण जानकारी ना होना है I फिर धीरे - धीरे जिन लोगों के पास अपने जन्म का समय ,दिन ,महीना.साल या फिर स्थान का पूरी तरह ज्ञान नहीं होता था उनके लिए HORARY पद्धति का प्रयोग करना शुरू किया और सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगे तथा लोगों को भी आसानी महसूस हुई I धीरे - धीरे जिन लोगों के पास अपने जन्म के बारे में जानकारी होती थी , उनके सवालों के जवाब भी मैंने इसी पद्धति से देने शुरू कर दिए ,और तुलनात्मक रूप से उत्साहवर्धक परिणाम प्राप्त हुए I तब से इस विधि का सर्वाधिक प्रयोग करता हूँ और कई नए तथ्यों का पता लग चुका है I
अतः पाठक गणों से अनुरोध है , कि यदि आप लोगों के मन में भी किसी तरह के सवाल है , तो आप नीचे दिए गए तरीके से ब्लॉग पर अपने सवाल पूछ सकते है I
सात दिनों के भीतर ब्लॉग पर ही आपके सवालों के उत्तर देने का प्रयास किया जाएगा यदि सवालों कि संख्या अधिक होती है , तो अधिक समय भी लग सकता है I यदि प्रश्न व्यक्तिगत हो तो
SHREERAMBISSA@GMAIL.COM पर भी संपर्क किया जा सकता है I यहाँ पूछे गए प्रश्नों को ब्लॉग पर नहीं दिखाया जाएगा I
एक बात और , एक बार में एक ही प्रश्न पूछें जो वास्तविक हो , केवल फौरी तौर पर किये प्रश्नों के उत्तर भी फौरी तौर पर ही पाठक की मदद कर सकते हैं I सवाल जितने अधिक करीबी होंगे उनके उत्तर भी उतने ही सटीक बैठेंगे I ये अनुभूत है और"उदुदाय-प्रदीप"अर्थात लघु पाराशरी में महर्षि पराशर ने भी इसी बात का उल्लेख अपनी पुस्तक की शुरुआत में ही किया है , कि ज्योतिष का सहयोग वास्तविक समस्याओं के होने पर ही लिया जाना चाहिए मजाक में नहीं I चिकित्सक का परामर्श भी रोग होने पर लिया जाता है , ऐसे ही कोई थोड़े ही डॉक्टर के पास जाता है I अतः उत्तर की सटीकता सवालों की तीव्रता पर निर्भर करती है I
अपना प्रश्न पूछने के लिए अपना सवाल लिखें और ( 1 से लेकर 249 ) में से कोई एक नंबर चुन कर प्रश्न के साथ लिख दें बस I
ये पद्धति ज्योतिष मार्तंड प्रो. के. एस. कृष्णमूर्ति द्वारा सुझाई गयी थी तथा वर्तमान में इसका व्यापक प्रयोग किया जा रहा है I
ये अंक कोई साधारण अंक नहीं है, विश्वास रखें I एक बात और इस ब्लॉग का उद्देश्य ज्योतिष का सकारात्मक प्रचार व सामाजिक जागृति है
अतः सभी सेवाएँ निःशुल्क है ,यदि कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार से भ्रमित करने का प्रयास करे तो ब्लॉग संपादक से संपर्क किया जा सकता है I
आपके सहयोग के लिए तत्पर ................
शेष शुभम
! जय गणेश जय जय गणेश !
! जय गणेश जय जय गणेश !
आज का टिप :- शाम के समय यदि अतिथि घर आता है , तो उसका यथोचित आदर सत्कार करें और यदि विवाहित स्त्री आतीहै ,तो ये मानकर उसका स्वागत करें की साक्षात् 'श्री लक्ष्मी' ही आपके घर आई है और उसे कुछ न कुछ खिलाकर ही भेजें ! अनुभूत योग है , दरिद्रता ख़त्म करता है !
